09 November 2010

जीवों की आदि सृष्टि

जीवों की आदि सृष्टि विषयक कथाएँ (सुनी-सुनाई) प्रत्येक समुदाय में चली आ रही हैं. कुछ पात्रों के नाम तद्भव हैं और कुछ के तत्सम् चल रहे हैं. राजस्थान के मेघवंशियों में जो परंपरागत जानकारी उपलब्ध है उसे श्री गोपाल डेनवाल ने समेकित कर के भेजा है जिसे ज्यों का त्यों यहाँ दिया जा रहा है. (श्री जितेंद्र कुमार ने इसे यूनीकोड में तैयार किया है). कुछ शब्दों का स्वरूप बदला सा है. शिक्षा से दूर रखे गए समुदाय किसी-न-किसी रूप में जानकारी को संजोए हुए हैं. नामों में टंकण की त्रुटियाँ भी हो सकती हैं. शुद्ध वर्तनी के सुझाव मिलने पर इसे सुधारा जाएगा.

जीवों की आदि सृष्टि 
जीव की उत्पति जल से होती है. यह एक वैज्ञानिक सत्य है और जल के बिना जीव पैदा नही हो सकता यह भी एक कटु सत्य है. जल का निकास मेघों  द्वारा  होता है जिसे बादल भी कहते  हैं. उसी जल नारायण  की नाभि  कमल  से भगवान  ब्रह्मा  की उत्पति  है. अतः पूरी सृष्टि मेघ से उत्पन्न हुई  है.

मेघ बरसे मानव हर्षेहर्षे  ऋषि मुनि और देव |
संत महात्मा सभी पुकारे, करो  मेघ  की सेव ||

श्री भगवान मेघ  नारायण  की नाभि कमल से
ब्रह्मा 
ब्रह्मा से :-
1. ब्रह्मा :- चार ऋषि- सनक, सनन्दन, सनातन, संतकुमार
2. दस मानसपुत्र :- मरीच, अत्रि, अंगीरा, पुलस्त्य, पुलह, कृतु, भृगु, वशिष्ट, दक्ष, नारद
3. शरीर के दो खंडरो :-  पुरुष स्वायम्भुमनु, स्त्री स्तरूपा इनसे 2 पुत्र 3 कन्याएँ
उत्तानपाद, प्रियव्रत, आकुति, प्रसूति पति-दक्ष प्रजापति, देवहुति पति-कर्दम ऋषि
उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव
ध्रुव प्रतावती से - पति रूचिनाम ऋषि.  इनके पुत्र
आगिनध्र, विष्णु, दक्षिणा, वयुश्मान, ज्योतिष्मान, धुतिमान, भव्य, सवन, अग्नि बाहु, मित्र   

कर्दम ऋषि की 9 कन्याएँ  व उनका विवाह 
1. कला - मरीचि
2. अनुसूया - अत्री
3. श्रद्धा - अंगीरा
4. हवि  - पुलस्त्य
5. गतिका - पुलह
6. योग - क्रतु
7. ख्याति - भृगु
8. अरुंधती - वशिष्ट
9. शान्ति - अर्थवन

मरीचि :- (1)  कश्यप और (2) पूर्णिमा
कश्यप :- विवस्वान (सूर्य) इनसे सूर्यवंश चला, दनुस्त्री से 100 पुत्र हुए थे जिनमें एक मेघवान था जो सप्त सिन्धु  के महाराज के जनक थे.
विवस्वान :-  विवस्वत्म्नु (सात्वेमनु)
विवस्वत्म्नु:- 1. इशवाक, 2. विकुक्षि, 3. निभी आदि  सहित 101 पुत्र  थे.

अत्रि के पुत्र :- 1
. दत्तात्रेय, 2. दुर्वासा, 3. चंद्रमा
चंद्रमा के पुत्र :- 1. नहुश, 2. बुद्ध, 3. सोम, सोम से चन्द्रवंश चला
नहुश:- 1. यति, 2. ययाति, 3. संयाति, 4. उद्भव, 5. याची, 6. सर्य्याती, 7. समर्पिती

ब्रह्मा के चौथे  पुत्र :- पुलस्त्य
पुलस्त्य के पुत्र :- विश्रवा
विश्रवा के पुत्र :-  कुबेर, खरर्दुशन (खर-दूषण), तारिका, रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, सुरपन्खा (शूर्पनखा) 

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