01 August 2013

This rally was more than a rally - यह रैली, रैली से अधिक थी

लखनऊ में ओबीसी, एससी और एसटी मिल कर आरक्षण समर्थक रैली कर रहे हैं. मेरी दृष्टि से यह भविष्य के अंतर्जातीय सहयोग की पहली झलक है.

काफी समय से एक सपना है कि कश्मीर से केरल तक और महाराष्ट्र से मेघालय तक मेघ ऋषि की संतानें आपसी भ्रातृत्व को पहचाने और राजनीतिक एकता के लिए देश भर के ओबीसी, एससी और एसटी एक मंच पर आ जाएँ
 
पिछले दिनों ब्राह्मणवादी न्यायव्यवस्था ने आरक्षण व्यवस्था की भावना को फिर से चोट पहुँचाई है जिसने यूपी के पिछड़े वर्ग के युवाओं को भड़काया है. आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर बहुत लंबा आंदोलन नहीं चलाया जा सकता, हाँ समय-समय पर उसके साथ अन्य मुद्दे (धार्मिक और सांस्कृतिक, महँगी शिक्षा, आर्थिक विकास, ग़रीब समूहों का समन्वित संघर्ष आदि) जुड़ते जाते हैं और सत्ता का सपना आकार ग्रहण करने लगता है. राजनीतिक बेचैनी यह कार्य करती है.

इलाहाबाद से शुरू हो कर लखनऊ पहुँचा यह आंदोलन अपने साथ विशिष्ट लक्षण ले कर आया है जो स्वयं आलोकित हैं. इनके लिए नीचे दिए यू-ट्यूब लिंक को अवश्य देखें.
 
ये फोटो 'जन संस्करण' की यू-ट्यूब पर लोडिड वीडियो के साभार हैं.





 
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