30 December 2013

The reality of riots - दंगों का सच

दंगों का कारण कभी भी केवल धार्मिक और आर्थिक नहीं रहा. इनका संबंध सत्ता से रहा है और अब लोकतंत्र में सीधे तौर पर वोटों की गिनती के साथ है. कोशिश होती है कि दंगे कर के दलितों और दलितों से धर्मांतरित हुए मुस्लिमों को पहले से गरीब कर दिया जाए और बाद में पुनर्वास के नाम पर उन्हें उनके वोट क्षेत्र से दूर ले जाकर बसाया जाए ताकि उनके वोटों में एकता न हो जाए.