16 June 2012

A homoeopathic success story via Dr. Dinesh Sahajpal – एक होमियोपैथिक सफलता की कहानी बाज़रिया डॉ. दिनेश सहजपाल


पूरा परिवार होमियोपैथों का था. कोई डिग्रीधरी, कोई आरएमपी और कोई उनका अधीनस्थ. फिर भी होनी यह हुई कि 30 वर्ष पहले उनकी एक बहु को हिस्टीरिया हो गया. कड़वी ज़बान उग आई, सनकी हो गई और बेशर्मी की हरक़तें करने लगी. आस-पास कोई बैठा है इसका भी ध्यान उसे न होता (typically Hyoscyamus). घर के होमियोपैथों ने उसके मामले को सँभाला. काफी वर्ष तक गुज़ारा ठीक-ठाक चला हालाँकि सौ फीसदी आराम नहीं आया.

पाँचेक वर्ष पहले उस महिला का संवेदनशील पति अपनी पत्नी के स्वभाव से खीजने लगा और प्रभावित होने लगा. आत्महत्या के विचार आने लगे. मर जा या मार दे की स्थिति हो गई. उसने डॉ. दिनेश सहजपाल से संपर्क किया. कहा कि डॉक्टर साहब, मुझे ख़ुदकुशी के विचार आते हैं.
Dr. Dinesh Sahajpal
डॉक्टर- विचार ही आते हैं या कोशिश भी की है?
मरीज़- कोशिश तो नहीं की लेकिन नींद की गोलियों का इंतज़ाम कर लिया था.
डॉक्टर- मरने से डर लग रहा था?
मरीज़- उस समय डर नहीं लग रहा था.
डॉक्टर- तो ख़ुदकुशी क्यों नहीं की?
मरीज़- मालूम था कि यह एक तरह की बीमारी होती है तो क्यों न डॉक्टर से बात की जाए.
डॉक्टर- क्या आप डॉक्टर हैं?
मरीज़- नहीं, मैं होमियोपैथ परिवार से हूँ.
डॉक्टर- सुसाइड के थॉट आने की कोई ख़ास वजह?
मरीज़- वाइफ़ हिस्टीरिक है.
डॉक्टर- मैं समझ गया. आपको बस इतना ही बताना चाहता हूँ कि मैं आपके हालात तो नहीं बदल सकता लेकिन हालात से लड़ने के लिए आपके हार्मोंस को बैलेंस करके आपकी हेल्प कर सकता हूँ. कुछ देर आप मेडिसिन लो. अगले हफ़्ते फिर रिपोर्ट करो. (यह एक घंटे तक चली केस टेकिंग का साराँश है.)


मैं इस होमियोपैथ परिवार को जानता हूँ. तीन महीने बीत चुके हैं. पत्नी की तबीयत ठीक-ठाक सी है. लेकिन मेरा मित्र अब ठीक है और अपने रोज़मर्रा के कामकाज में खुश है. हाँ उसकी चमड़ी पर कुछ इरप्शंस उभर आई हैं. इसका कारण होमियोपैथ डॉक्टर ही बता सकता है.

एलोपैथ अवश्य झल्लाया होगा, "आईएमए के होते हुए यह क्या हो रहा है." :(

इसमें आईएमए क्या करेगी? मरीज़ को आराम आया है तो आया है :)


Dr. J.B.D. Castro



(किसी पत्रिका में पढ़ा था कि एम. के. गाँधी, फिल्म एक्टर अशोक कुमार और मनोज कुमार होम्योपैथी के बड़े फैनों में से रहे हैं. लता मंगेशकर अपने गले के लिए अशोक कुमार से दवा लिया करती थी).