30 January 2011

There is lot in a name, dear brother - नाम में बहुत कुछ रखा है भाई साहब

समय बदल चुका है. मेघवंशी अब बच्चों के नाम नई परंपरा के अनुसार रखने लगे हैं. कभी-कभी बारू, थोड़ू, सोमी, वीरू जैसे बिगड़े हुए नाम मिलते हैं. जातिगत नाम लगाने की भी परंपरा है. मेघवाल, मेघवार, मेघ, आदि सुसंस्कृत नाम जोड़ने में कोई हर्ज़ नहीं.

बच्चों का एक ही नाम रखें. नाम को बिगाड़ें नहीं. गाँव का नाम सुंदर-अर्थपूर्ण हो तो जोड़ लें अन्यथा रहने दें. बुनकर, जुलाहा जैसे पुश्तैनी कार्य को अपनी पहचान के तौर पर साथ लिखा जाता है. मेघवंशियों को यह परंपरा तुरत छोड़ देनी चाहिए क्योंकि पुश्तैनी कार्य पीछे छूट रहे हैं. अपने नाम के साथ ऋषि गोत्र, सिंह आदि लगाएँ. दास आदि शब्दों को हर प्रकार से दूर रखें.

संक्षेप में सुंदर, अर्थपूर्ण और अच्छी बात मन पर बैठाने वाला नाम रखें. इससे बच्चे बड़े होकर बेहतर कार्य करेंगे.
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9 comments:

  1. हाहाहा. बच्चे की तस्वीर देखकर कोई हिम्मत भी नहीं करेगा उल्टे पुल्टे नाम ऱखने की अब। वैसे आपकी बात है लाख टके की।

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  2. अपना नाम रोहिताश कुमार है....पिता राजा हरिशचंद्र कहलाते हैं, सो ये नाम रखा..सच मानिए इस वजह से कई बार झल्लाहट भी होती है पर हकीकत में ये नाम ही बेईमानी के दलदल मे फंसने से बचा चुका है।

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  3. @ रोहित जी,बहुत बढ़िया बात कही है आपने. आभार.

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  4. Dear bhusanji apne sahi bataya ye satya hai,apko dhanyavad,

    fron dr nitin, Jamnagar Gujarat

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  5. नाम छोटा , सुन्दर अर्थ वाला तथा एक ही होना चाहिए। इसका व्यक्तित्व पर बहुत प्रभाव पड़ता है ।

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  6. आपने यह एक अच्छी पोस्ट लिखी। दलित वर्ग के बच्चों के नाम विगत में अच्छे नही होते थे। लेकिन अब जागरूकता का ही परिणाम हैं कि नई पिढ़ी के नाम अच्छे रखे जा रहे हैं। राजस्थान में जहां दलित वर्ग खास तौर से मेघवाल अध्यापक लगे हैं, वे अपनी जिम्मेदारी समझकर बच्चों के नाम सुधार कर अर्थपूर्ण रख रहे हैं।

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  7. @ Dr.Nitin,
    @ Dr. Divya
    आपका बहुत-बहुत आभार
    @ प्रमोदपाल सिंह जी, आपने जानकारी दे कर दिल को आराम पहुँचाया है कि अब अध्यापक इसका ध्यान रख रहे हैं. आभार.

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  8. I have listened many times from the mouth of Meghvanshi Leaders that we should use
    Meghvanshi as our surname , but I would like to ask these leaders why they don't apply their idea first on themself , why they use singh,chauhan,kumar and other miscellaneous surnames.

    Why this difference in preaching and Actions ?

    Hypocrisy at its peak !

    Btw its really great to have single surname from Kashmir to Maharashtra :)

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