10 May 2011

Birth annivarsary of Ashoka the Great-1- सम्राट अशोक की जयंती-1


Today I saw a post on Facebook which brought new information to me. I did not know on which date fell the birth anniversary of Emperor Ashoka (Ashoka the Great). Meanwhile, I came to know on Facebook that his birth anniversary had already been celebrated on March 24. (It was explained in a comment that there was difference of opinion about the exact date but it was mentioned as March 24, 308 BC in organizational calendar). The edited material I am sharing with you: - 

“Warmest good wishes to all on the auspicious occasion of birthday of Buddhist emperor Priyadarshi Raja-  Ashoka the Great. 
Period: 308 BC; Duration of his rule: 273-232 BC; the empire:  From Hindkush mountainous region to Mysore in the south to the southern Godavari and from Bengal in the east to Afghanistan in the west. 
State religion: Buddhism; Expantion of religion: Sri Lanka, Afghanistan, West Asia, Egypt and Greece!

Ashoka was the greatest king of the world. Ashok evolved a social system based on liberty, equality, social justice. During his regime India was known as ‘the golden bird’. According to the renowned economist and Nobel laureate Amartya Sen, India's participation in the world economy was 35% during the regime of Emperor Ashoka and India was a global superpower."



फेसबुक पर एक आज पोस्ट देखी जो मेरे लिए नई जानकारी लाई. मैं नहीं जानता था कि सम्राट अशोक की जयंती कब होती है. इस बीच फेसबुक से ही पता चला है कि यह जयंती 24 मार्च को मनाई गई है. (एक कमेंट में कहा गया कि मतभेद हैं किंतु संगठनात्मक कैलेंडर में यह तिथि 24 मार्च, 308 BC है). उसी सामग्री को कुछ संपादित करके आपसे साझा कर रहा हूँ :-

महान बौद्ध सम्राट, प्रियदर्शी राजा 'सम्राट अशोक' इनकी जयंती के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!

समय ईसा पूर्व 308; राजकाल: ईसा पूर्व (273-232); राज्यविस्तार हिंदकुश श्रृंखला से लेकर दक्षिण में गोदावरी के दक्षिण तथा मैसूर तक, तथा पूर्व में बंगाल से पश्चिम में अफगानिस्तान तक.
राजधर्म : बौद्ध धर्म; धर्मप्रसार: श्रीलंका, अफगान, पश्चिम एशिया, मिस्र तथा यूनान!

अशोक दुनिया के सबसे महान सम्राट थे. अशोक ने स्वतंत्रता, समता, न्याय पर आधारित सामाजिक व्यवस्था का निर्माण किया. उनके राज्य में ही भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नोबल पुरस्कार विजेता डॉ. अमर्त्य सेन के मुताबिक सम्राट अशोक के काल में दुनिया की अर्थव्यवस्था में सिर्फ भारत की ही भागीदारी 35% थी अर्थात सम्राट अशोक के काल में भारत जागतिक (ग्लोबल) महाशक्ति था.

सम्राट अशोक जयंती



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Koli, Kori, Kol (कोली, कोरी, कोल)- Aboriginal tribes Of India

 

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17 comments:


Deepak Saini said...
Great Information thanks
प्रवीण पाण्डेय said...
क्या से क्या हो गये हम।
kshama said...
Bahut badhiya jaankaaree! Par ye kahan aa gaye ham? Shayad bhavishy sunhara ho...kya pata!
डॉ० डंडा लखनवी said...
श्री भूषण जी! आपकी लेख को पढ़ कर नवीन जानकारियाँ मिली। कुछ जानकारियो को मैं साझा कर रहा हूँ। न्याय शास्त्र वह शास्त्र है जिसके अंर्तगत अन्य शास्त्रों में कही गई बातों को जाँचा-परखा जाता है। यह शास्त्रों का शास्त्र है, विज्ञानों का विज्ञान है। संक्षेप में इसे शास्त्रों में कही गए तथ्यों की सत्यता को परखने की कसौटी कह सकते हैं। यह शास्त्र अन्य सभी शास्त्रों से पुराना है। न्यायशास्त्र का पूर्व नाम अन्वीक्षिकी विद्या है। उच्चकोटि का वैज्ञानिक न्याय-सिद्धांतों का सहारा लेता है बिना उसके वह आगे नहीं बढ़ सकता है। प्राचीन काल में न्याय के मा़र्ग पर चलने वालों को न्यैयायिक कहा जाता था। कलांतर में न्यैयायिकों न्यायी, नायी कहा जाने लगा। अशोक को अपने पूर्वजों से संबृद्ध परंपरा विरासत में मिली थी। उसने उस परंपरा को और आगे बढ़ाया। उसके शासन काल में भारत का उद्योग-व्यापार और प्रोद्योगिकी अत्यंत विकसित थी। भारत उस युग में आर्थिक महाशक्ति था। ======================== प्रवाहित रहे यह सतत भाव-धारा। जिसे आपने इंटरनेट पर उतारा॥ ======================== सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी
Patali-The-Village said...
बहुत सुन्दर जानकारी| धन्यवाद|
डॉ॰ मोनिका शर्मा said...
"अशोक के काल में दुनिया की अर्थव्यवस्था में सिर्फ भारत की ही भागीदारी 35% थी अर्थात सम्राट अशोक के काल में भारत जागतिक (ग्लोबल) महाशक्ति था.” बहुत अच्छी जानकारी दी आभार...... भारत की स्थिति आज क्या हो गयी है सच मन दुखी होता है....
Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...
बहुत बढ़िया जानकारी के लिए आपको धन्यवाद और डॉक्टर डंडा लखनवी जी को जानकारी के लिए शुक्रिया !
mahendra verma said...
इसीलिए तो सम्राट अशोक को महान कहा जाता है। इसी काल में भारत सोने की चिड़िया भी कहा जाता था। आज हम काठ के उल्लू बने अंधेरे में पंख फड़फड़ा रहे हैं। विचारणीय प्रस्तुति।
Pallavi said...
जानकारी वर्धक पोस्ट ....बढ़िया जानकारी के लिए आप को बहुत-बहुत धन्यवाद
सारा सच said...
nice
विशाल said...
बहुत उम्दा जानकारी. आभार
दिगम्बर नासवा said...
सभी को बहुत बहुत बधाई ...
हरीश सिंह said...
आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में .... भारतीय ब्लॉग लेखक मंच डंके की चोट पर
सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...
जानकारीपरक लेख प्रस्तुत करने के लिए ...बहुत-बहुत आभार |
ZEAL said...
Beautiful and informative post. Thanks.
Patali-The-Village said...
नवसंवत्सर २०६८ की हार्दिक शुभकामनाएँ|
Amrita Tanmay said...
Rochak jankari...aabhar